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हिमाचल में बारिश का कहर:पागल नाला में बाढ़,कर्इ हाईवे बंद,कांगड़ा-कुल्लू में तेज बारिश

कुल्लू के पागल नाला में आई बाढ़, लारजी-सैंज हाईवे यातायात के लिए बंद
कांगड़ा में मूसलाधार बारिश, तीन जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी
11 जुलाई तक बारिश के आसार, नदी-नालों से दूर रहने की एडवाइजरी


हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। रविवार सुबह से कुल्लू और कांगड़ा सहित कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार वर्षा के चलते कुल्लू की सैंज घाटी में स्थित पागल नाला उफान पर आ गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए। इसके चलते लारजी-सैंज हाईवे को एहतियातन यातायात के लिए बंद करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित मार्गों पर यात्रा नहीं करने की अपील की है।

कांगड़ा में सुबह के वक्त तेज बारिश।

कांगड़ा जिले में भी सुबह करीब पांच बजे से लगातार बारिश दर्ज की गई। शुरुआती दो घंटे तक कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। वहीं हमीरपुर, ऊना और सोलन के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई, जबकि शिमला में सुबह से बादल छाए रहे और कुछ समय के लिए हल्की धूप भी निकली।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा पूर्वानुमान में कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिलों के कुछ स्थानों पर आज बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा चंबा, मंडी और शिमला जिलों में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। विभाग ने मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

हमीरपुर के सुजानपुर बाजार में तेज बारिश के बाद सड़कों पर बहता हुआ पानी।

मौसम विभाग ने बताया है कि खराब मौसम के कारण निचले इलाकों में जलभराव, घना कोहरा और कम दृश्यता की स्थिति बन सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन की यातायात संबंधी एडवाइजरी का पालन करने को कहा गया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में जाने से बचने की अपील की गई है।

7 जुलाई के लिए कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 11 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। लगातार सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिन संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा बना रह सकता है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक सामान्य से 63 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसी बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में 6 से 10 जुलाई के बीच 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।